कलेक्टर ने कहा कि जिले में चने के उपार्जन के भी सुव्यवस्थित इंतजाम रहें। सोमवार को आयोजित समयावधि अंकित पत्रों की समीक्षा बैठक में उन्होने कहा कि आगामी वर्षा के सीजन के पूर्व जिले में जल संवर्धन के कार्य प्राथमिकता से कराए जाएं। तालाबों की डिसिल्टिंग कराई जाए। साथ ही अधिकतम मकानों में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाएं। उन्होने नगर पालिका अधिकारियों को निर्देश दिये कि बारिश से पहले नगरीय क्षेत्रों के नदी नालों की सफाई भी करवाई जाए।
बैठक में आंगनवाड़ियों में वितरित होने वाले पोषण आहार के वितरण में अनियमितता की जानकारी मिलने पर कलेक्टर ने निर्देश दिये कि तत्काल सभी आंगनवाड़ियों में पोषण आहार वितरण व्यवस्था का परीक्षण किया जाए। पोषण आहार की गुणवत्ता, मात्रा एवं नियमितता से कोई समझौता न हो। आंगनवाड़ियों में टीकाकरण व्यवस्था भी नियमित हो। कलेक्टर ने हरदा नगर के पार्कों की व्यवस्था सुधारने के भी मुख्य नगर पालिका अधिकारी को निर्देश दिये। उन्होने कहा कि पार्कों की व्यवस्था आम नागरिकों के लिये सुविधाजनक हो। यहां आने वाले बच्चों के लिये झूले इत्यादि की उत्तम व्यवस्था हो।
बैठक में जल जीवन मिशन अंतर्गत जो नल जल योजनाएं पूर्ण हो गई है, उनको ग्राम पंचायतों को हेण्डओवर करने एवं रिस्टोरेशन का कार्य पूर्ण करने के भी निर्देश दिये गये। जिला मुख्यालय पर प्रत्येक मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई में पहुँचने वाले अधिकारियों की लेटलतिफी पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होने कहा कि अब विलम्ब से पहुँचने वाले अधिकारियों की सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से निगरानी की जाएगी, जो अधिकारी समय पर नही पहुँचेंगे उनकी तनख्वाह काटी जाएगी। बैठक में सीएम हेल्पलाइन, विभागीय योजनाओं एवं राजस्व कार्यों की समीक्षा की गई।
इस दौरान जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अंजली जोसेफ जोनाथन, अपर कलेक्टर पुरूषोत्तम कुमार, संयुक्त कलेक्टर सतीश राय व सुश्री रजनी वर्मा, एसडीएम हरदा अशोक डेहरिया, एसडीएम टिमरनी संजीव कुमार नागू सहित अन्य जिला अधिकारी उपस्थित थे।

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