जिला पेट्रोलियम एसोसिएशन की बैठक में एकजुटता का प्रदर्शन, नई कार्यकारिणी का गठन; नियमों के उल्लंघन पर पहले नोटिस, फिर ₹1 लाख तक जुर्माने का प्रावधान
हरदा। पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति को लेकर चल रही अनिश्चितता और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बीच हरदा जिले के पेट्रोलियम डीलरों ने एकजुटता का परिचय देते हुए प्रशासन, शासन अथवा तेल कंपनियों की ओर से किसी सदस्य पर अनुचित या अवैधानिक कार्रवाई होने की स्थिति में जिलेभर में पेट्रोल-डीजल की बिक्री बंद करने की चेतावनी दी है। यह निर्णय जिला पेट्रोलियम एसोसिएशन की शहर के एक निजी होटल में आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया।
बैठक में कहा गया कि यदि पेट्रोल-डीजल की कमी के कारण किसी डीलर के खिलाफ अनुचित कार्रवाई की जाती है, तो एसोसिएशन उसके समर्थन में खड़ा रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर जिलेभर के पेट्रोल पंपों पर बिक्री बंद कर विरोध दर्ज कराया जाएगा।
एसोसिएशन के अध्यक्ष केशव बंसल ने बताया कि संगठन ने यह भी तय किया है कि सभी सदस्य नियमों और निर्देशों का कड़ाई से पालन करेंगे। यदि कोई सदस्य शासन, प्रशासन या तेल कंपनियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की अवहेलना करता है, तो उसके खिलाफ एसोसिएशन अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी।
नई व्यवस्था के तहत नियमों के विरुद्ध कार्य करने वाले सदस्य को पहले नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद भी सुधार नहीं होने पर संबंधित डीलर पर ₹1 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति के दौरान वाहनों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। हालांकि, आपूर्ति प्रभावित होने के कारण कुछ स्थानों पर अस्थायी कमी की स्थिति बन सकती है और डीजल की मांग बढ़ने की संभावना भी जताई गई।
नई कार्यकारिणी का गठन
बैठक में जिला पेट्रोलियम एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी का गठन भी किया गया। प्रत्येक कंपनी से तीन-तीन प्रतिनिधियों को कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया है। कार्यकारिणी में केशव बंसल को पुनः अध्यक्ष चुना गया।
अन्य पदाधिकारियों में कौशिक अग्रवाल, जितेंद्र कोठारी, बसंत मेहता और गौरव देवगांवकर को उपाध्यक्ष बनाया गया। दीपक सोमकुंवर और अंशुल गोयल को सचिव, जबकि हिमांशु मोरे, रोहन अग्रवाल और सुकुमार जैन को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। मीडिया प्रभारी के रूप में हिमांशु बंसल तथा रवि बंसल को नियुक्त किया गया। संरक्षक मंडल में अनिल पटेल, मनोहर लाल राठौर, अनिल बंसल और ललित विश्नोई शामिल हैं।
हर तीसरे दिन सूख रहे जिले के पेट्रोल पंप
बैठक में पेट्रोल-डीजल आपूर्ति की गंभीर स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की गई। डीलरों का कहना है कि लगातार आपूर्ति बाधित होने से हर तीसरे दिन जिले के कई पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल का स्टॉक समाप्त हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के वाहन चालकों को ईंधन के लिए एक पंप से दूसरे पंप तक भटकना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि कई बार वाहनों में तेल भरवाने के लिए लंबी कतारें लग रही हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पेट्रोलियम डीलरों ने सरकार और तेल कंपनियों से मांग की है कि जिले में ईंधन की नियमित और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके और पेट्रोल पंपों पर बार-बार संकट की स्थिति न बने।

0 टिप्पणियाँ