शिविर में हरदा, देवास, खंडवा, नर्मदापुरम आदि जिलों से शामिल हो रहे 90 बच्चे
हरदा : जाम्भाणी साहित्य अकादमी बीकानेर के तत्वावधान में मां नर्मदा के पावन तट पर श्रीविश्नोई संत आश्रम नेमावर में सोमवार से पांच दिवसीय आवासीय जाम्भाणी संस्कार शिविर का आयोजन शुरू किया गया। संस्कार शिविर में शामिल होने के लिए समाज के 90 बच्चों ने अपना पंजीयन कराया है। शिविर का शुभारंभ विश्नोई संत आश्रम नेमावर के स्वामी आत्मानंद महंत एवं न्याय समिति अध्यक्ष हीरालाल खोखर द्वारा भगवान श्रीगुरु जंभेश्वर की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित के साथ आरती के साथ किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान से पधारे हरिराम खीचड़, बालकिशन खोखर, श्यामलाल बेनीवाल, पूनमचंद पवार, लक्ष्मीनारायण लोल एवं बालकों के अभिभावकों के साथ शिक्षक कैलाशचंद गोदारा, मनमोहन पवार, कैलाश आंजना, राजेंद्र भादू उपस्थित रहे।
इस शिविर बच्चों के रहने एवं भोजन की व्यवस्था आश्रम में ही की गई है। शिविर में 10 से 16 वर्ष के बालकों को शामिल किया गया है। शिविर के प्रभारी कैलाश गोदारा व सह प्रभारी उमेश बेनीवाल ने बताया कि शिविर प्रातः 9 बजे से शुरू किया गया। वक्ताओं ने बच्चों को बताया कि संस्कार से ही जीवन सफल होगा। बच्चों में सम्मान, अनुशासन, ईमानदारी और सहयोग की भावना तभी आएगी जब इस तरह के शिविर लगातार आयोजित किए जाएंगे।
शिविर के माध्यम से बच्चों को सही गलत की पहचान तथा अच्छे आचरण की प्रेरणा मिलेगी। साथ ही योग खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों को स्वस्थ और सक्रिय बनाते हैं। बच्चों में पर्यावरण संरक्षण और समाजसेवा की भावना विकसित होती है। जाम्भाणी संस्कार शिविर बच्चों को एक अच्छा नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करता है।

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