कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष गणेश मर्सकोले ने बाबा साहब के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उनका जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्यप्रदेश के महू में हुआ था। उन्होंने बाबा साहब के प्रसिद्ध संदेश “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” को दोहराते हुए समाज में समानता और अधिकारों की महत्ता पर जोर दिया।
ग्राम सरपंच राकेश कलवानिया ने भी अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहब ने सभी वर्गों को एकजुट रहने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का मार्ग दिखाया, जिसके परिणामस्वरूप आज संविधान में सभी को समान अधिकार प्राप्त हैं।इस अवसर पर ग्राम के विकास कार्यों पर चर्चा की गई और भविष्य में नए कार्यों को लेकर योजनाएं भी बनाई गईं। कार्यक्रम में जिला कोषाध्यक्ष दुर्गेश धुर्वे, सचिव धर्मेंद्र लाठी, आंगनवाड़ी सहायिका मनीषा शर्मा, सबीना खान, लक्ष्मीबाई गोस्वामी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। अंत में सभी उपस्थित लोगों ने बाबा साहब के नारे लगाते हुए उन्हें शत-शत नमन किया।


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