अभियान के प्रथम चरण में अजनाल नदी एवं मंदिर परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया, जिसमें युवाओं ने उत्साहपूर्वक श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया। इस पहल ने यह स्पष्ट किया कि युवा केवल विचार नहीं करते, बल्कि स्वयं आगे बढ़कर बदलाव लाने की क्षमता भी रखते हैं।
द्वितीय चरण में बड़ी नहर एवं विकास नगर क्षेत्र में शिक्षा के महत्व को लेकर नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया। युवाओं ने अपने सशक्त अभिनय के माध्यम से समाज को यह संदेश दिया कि शिक्षा ही उज्ज्वल और सशक्त भविष्य की कुंजी है।
14 अप्रैल को डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर युवाओं ने अंबेडकर चौक पहुंचकर माल्यार्पण किया और उनके विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। इसके पश्चात युवालय केंद्र पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें नृत्य, ओजपूर्ण भाषण एवं प्रश्न मंच के माध्यम से प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में जिला विधिक प्राधिकरण से जवाहर पारे, अनीस मोहम्मद खान एवं अंतिमा चोलकर की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस अवसर पर अनीस मोहम्मद खान ने संविधान में निहित अधिकारों एवं जिला विधिक सेवाओं की जानकारी दी। वहीं जवाहर पारे ने युवाओं को नशे की बढ़ती प्रवृत्ति, मोबाइल के दुरुपयोग एवं अपराध जैसी चुनौतियों के प्रति सचेत करते हुए सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। अंतिमा चोलकर ने युवाओं से संवाद करते हुए शिक्षा और करियर के महत्व पर प्रकाश डाला तथा उनके लक्ष्यों को समझने का प्रयास किया।इस कार्यक्रम में हरदा जिले एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से 50 से अधिक युवा शामिल हुए। युवाओं की ऊर्जा, उत्साह और सक्रिय सहभागिता ने इस अभियान को अत्यंत सफल एवं प्रेरणादायक बना दिया।
मुख्य संदेश:
यह अभियान युवाओं की जागरूकता, प्रतिबद्धता और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक है, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।


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