नई नीति के तहत इस बार भी एक माह के लिए तबादलों पर लगी पाबंदी हटाई जाएगी। हालांकि, सभी विभागों में तबादलों की संख्या संबंधित कैडर के 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी। बैठक में मंत्रियों और विधायकों ने भी तबादलों पर लगी रोक हटाने की मांग रखी थी।
नीति में यह प्रावधान किया जा रहा है कि प्रभारी मंत्रियों को पहले की तरह अधिकार दिए जाएंगे। जिला स्तर पर तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के तबादले कलेक्टर के माध्यम से प्रस्तावित होंगे। साथ ही मंत्री सूची में बदलाव कर सकेंगे और उनकी मंजूरी के बिना आदेश जारी नहीं किया जाएगा।
पिछले वर्ष 2025-26 में कम तबादलों के कारण इस बार नीति को समय पर लागू करने की तैयारी की जा रही है। नई व्यवस्था से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।

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