हरदा। मध्यप्रदेश आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ (भारतीय मजदूर संघ) के बैनर तले आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम संयुक्त कलेक्टर सतीश राय के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन भारतीय मजदूर संघ के संभाग प्रभारी जितेंद्र सोनी, जिला अध्यक्ष मुकेश धामनदे, आंगनबाड़ी संघ जिलाध्यक्ष कविता मरापे, सचिव शोभा थाटे के नेतृत्व में सौंपा गया। इसकी जानकारी भारतीय मजदूर संघ के जिला सचिव प्रबल पवार ने दी।
ज्ञापन में कहा गया कि महिला एवं बाल विकास विभाग में कार्यरत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं शासन की अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। जन्म पंजीयन, पोषण अभियान, लाड़ली बहना योजना, मतदाता पुनरीक्षण, जनगणना सहित कई सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में उनकी सक्रिय भागीदारी रहती है। इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त सुविधाएं और सम्मानजनक मानदेय नहीं मिल रहा है।
संघ पदाधिकारियों ने बताया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं लंबे समय से राज्य कर्मचारी का दर्जा, सामाजिक सुरक्षा और सेवा संबंधी सुविधाओं की मांग कर रही हैं। ज्ञापन में मांग की गई कि सभी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को राज्य कर्मचारियों के समान सुविधाएं प्रदान की जाएं तथा उन्हें नियमित सेवा का लाभ दिया जाए।
ज्ञापन में कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के लिए न्यूनतम 5 हजार रुपये मासिक पेंशन, सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष किए जाने, मानदेय में व्याप्त असमानता समाप्त करने, मृत्यु की स्थिति में आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति देने तथा कार्य के दौरान मृत्यु होने पर परिजनों को कम से कम 5 लाख रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।
इसके अलावा सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर समय पर पोषणाहार उपलब्ध कराने, कार्यकर्ताओं पर अतिरिक्त गैर-विभागीय कार्यों का बोझ कम करने, पदावनति संबंधी प्रावधान समाप्त करने तथा बिना उचित प्रक्रिया किसी भी कार्यकर्ता या सहायिका को सेवा से पृथक नहीं किए जाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
संघ नेताओं ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं वर्षों से कम मानदेय में शासन की योजनाओं को सफल बनाने का कार्य कर रही हैं। ऐसे में उनकी जायज मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र निर्णय लिया जाना चाहिए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं उपस्थित रहीं। संघ पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर उन्हें राहत प्रदान करेगी।


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