इस अवसर पर अरविंद रघुवंशी ने कहा कि यह दिन प्राधिकरण के लिए ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण है। यह प्रमाणन इस बात का प्रमाण है कि प्राधिकरण द्वारा पारदर्शी प्रशासन, गुणवत्तापूर्ण विधिक सेवाएं, पर्यावरण संरक्षण के मानकों का पालन और जनहितकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है।
न्यायाधीश एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चंद्रशेखर राठौर ने बताया कि यह उपलब्धि कुशल मार्गदर्शन और सतत प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि हरदा प्राधिकरण प्रदेश का चौथा ऐसा संस्थान बन गया है, जिसे यह ISO प्रमाणन प्राप्त हुआ है। सुधार एक निरंतर प्रक्रिया है, जो आगे भी जारी रहेगी और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विधिक सहायता पहुंचाने के प्रयास निरंतर किए जाएंगे।
कार्यक्रम में शिवांशु तिवारी ने ISO प्रमाणन के मापदंडों की जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रमाण पत्र का उद्देश्य सेवाओं को व्यक्ति-उन्मुखी के बजाय सेवा-उन्मुखी बनाना है, जिसे हरदा प्राधिकरण ने सफलतापूर्वक पूरा किया है।
कार्यक्रम में जयदीप सिंह (विशेष न्यायाधीश), सुधीर कुमार चौधरी (प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय), निसार अहमद (तृतीय जिला न्यायाधीश), लवकेश सिंह (मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट), एस.के. भदकारिया (जिला रजिस्ट्रार), चेतना रूसिया और प्रेमदीप शाह (न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी), सौरभ कुमार दुबे (जिला विधिक सहायता अधिकारी), जगदीश विश्वकर्मा (अध्यक्ष, जिला अधिवक्ता संघ), शैलेन्द्र जोशी (सचिव, जिला अधिवक्ता संघ), जवाहर पारे (चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल), अनीस मोहम्मद खान (डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल), अंतिमा चोलकर (असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल) सहित प्राधिकरण के कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

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