राज्य प्रशासनिक सेवा संघ की मुख्यमंत्री को चिट्ठी, 24 घण्टे ड्यूटी, संक्रमण झेला, जान भी गई फिर सम्मान क्यों नहीं
भोपाल - राज्य प्रशासनिक सेवा संघ ने अपर कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर, सीईओ और राजस्व अधिकारी तहसीलदार, नायब तहसीलदार और अन्य कर्मचारियों को कर्मवीर योद्धा पदक देने की मांग की है। संघ की ओर से सीएम शिवराज सिंह चौहान को भेजे पत्र में कहा गया है कि कोरोना काल में ड्यूटी के दौरान संक्रमित होने से कई अधिकारी बीमार हुए और जान गंवाई। इंसीडेंट कमांडर के तौर पर काम किया और 24 घण्टे सेवाएं दीं। इसलिये पुलिस महकमे की तरह उन्हें भी कोरोना योद्धा घोषित कर सम्मान दिया जाये।
गौरतलब है कि गृह और चिकित्सा शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग ने फैसला किया है कि कोरोना काल में ड्यूटी करने वाले पुलिस, होमगार्ड के जवानों और अफसरों तथा स्वास्थ्य कर्मियों को दिए जाने वाले कर्मवीर योद्धा पदक दिया जाएगा। इस मामले में राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी और राजस्व अफसर राज्य सरकार के फैसले से सहमत नहीं हैं। अपर कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और अन्य राजस्व कर्मचारियों की ओर से सरकार के फैसले का विरोध करते हुए कहा जा रहा है कि क्या वे कोरोना योद्धा नहीं हैं? क्या उन्होंने अपनी जान की बाजी लगाकर कोरोना काल में सेवाएं नहीं दीं? इसके लिए अब राजस्व अधिकारी भी एकजुट होकर जल्द ही सरकार से विरोध भी जताने की प्लानिंग कर रहे हैं कि सभी कर्मचारियों, अधिकारियों को समान नजरिये से देखकर लाभ और सम्मान दिए जाएं।

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