मध्यप्रदेश के जबलपुर में बरगी बांध में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। तेज आंधी और बारिश के बीच डूबे क्रूज से अब तक 9 शव बरामद किए जा चुके हैं, लेकिन सबसे मार्मिक दृश्य तब सामने आया जब रेस्क्यू टीम को एक मां अपने चार साल के मासूम बेटे को सीने से लगाए मृत अवस्था में मिली। मां ने लाइफ जैकेट पहन रखी थी, लेकिन वह अपने बच्चे को मौत से नहीं बचा सकी।
बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त क्रूज में करीब 40 लोग सवार थे, जबकि टिकट रिकॉर्ड में केवल 29 वयस्कों का ही उल्लेख मिला है। बच्चों के टिकट नहीं बनाए जाने और कुछ लोगों के बिना टिकट सवार होने की आशंका ने प्रशासन की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मौसम विभाग ने पहले ही तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया था। सामान्यतः खराब मौसम में क्रूज संचालन रोक दिया जाता है, लेकिन इसके बावजूद पर्यटकों को लेकर क्रूज डैम के भीतर चला गया। कुछ ही देर में 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने लगीं और देखते ही देखते क्रूज पलट गया।
हादसे के बाद डैम में चीख-पुकार मच गई। जिन्हें तैरना आता था वे किसी तरह बाहर निकल आए, जबकि कई लोग गहरे पानी में समा गए। अब तक 22 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है, लेकिन कई लोगों के अब भी लापता होने की आशंका बनी हुई है। मौके पर सेना और प्रशासन की संयुक्त रेस्क्यू टीम लगातार तलाश अभियान चला रही है।
घटना के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या सभी यात्रियों ने लाइफ जैकेट पहन रखी थी? प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि अधिकांश पर्यटक बिना लाइफ जैकेट के थे, जबकि पर्यटन विकास निगम ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि सभी यात्रियों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे।
बरगी डैम का यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि लापरवाही, अव्यवस्था और सुरक्षा नियमों की अनदेखी की भयावह तस्वीर बनकर सामने आया है। एक मां की अपने बच्चे को बचाने की आखिरी कोशिश ने पूरे प्रदेश की आंखें नम कर दी हैं।


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