स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन द्वारा कलेक्ट्रेट और मंडी क्षेत्र को छावनी में बदल दिया गया था। यहां 5 बटालियन के करीब 1100 पुलिस जवान तैनात रहे। किसान गेहूं और मूंग की खरीदी में आ रही समस्याओं को लेकर आंदोलन कर रहे थे। देर शाम प्रशासन से चर्चा के बाद किसानों ने आंदोलन को फिलहाल दो दिनों के लिए स्थगित कर दिया। इस दौरान आंदोलन स्थल पर एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली, जहां करीब 300 किसान और ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मी साथ बैठकर भोजन करते नजर आए।
किसानों ने अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को अस्थायी तंबू में बदल लिया था। वे अपने साथ आटा, दाल और अन्य खाद्य सामग्री के साथ बिस्तर भी लेकर आए थे, जिससे वे लंबे आंदोलन की तैयारी में थे। आंदोलन के संयोजक राजेंद्र पटेल ने प्रशासन को दो दिन का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि तय समय में मांगें पूरी नहीं हुईं, तो किसान बिना किसी पूर्व सूचना के ट्रैक्टरों के साथ कलेक्ट्रेट का घेराव करेंगे।
नर्मदापुरम के डिप्टी कमिश्नर दिवाकर नारायण पटेल ने मौके पर पहुंचकर किसानों से चर्चा की और कई मांगों पर आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि मूंग की खरीदी शुरू कराने, मक्का खरीदी का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजने और अन्य समस्याओं के समाधान के लिए जल्द लिखित आश्वासन दिया जाएगा।
किसानों के अनुसार, प्रशासन ने स्लॉट बुकिंग सभी के लिए खोलने, सर्वर समस्या दो दिन में दूर करने, मूंग खरीदी सुनिश्चित करने, बीमा राशि 15 दिन में जारी करने और नरवाई जलाने के मामलों को खत्म करने सहित कई मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिया है। अब किसानों की नजर अगले दो दिनों पर टिकी है। यदि वादे पूरे नहीं हुए, तो हरदा में एक बार फिर बड़ा आंदोलन देखने को मिल सकता है।
किसान क्रांति आंदोलनकारियों के अनुसार, उनकी ये मांगे मानने का आश्वासन मिला है-
स्लॉट बुकिंग सभी किसानों के लिए खोल दी गई हैं।
स्लॉट बुकिंग में आ रही सर्वर की समस्या दो दिन में समाप्त हो जाएगी।
मूंग की खरीदी सरकार करेगी।
खरीफ की बीमा राशि अगले 15 दिन में डलना शुरू हो जाएगी।
अब नरवाई जलाने के केस नहीं लगेंगे, पुराने केसों को भी खत्म करने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।
मंडियों में प्लेट कांटों की संख्या बढ़ाई जाएगी और रेलिंग लगाई जाएगी।
सहकारी ऋण जमा करने की तारीख बढ़ाने पर अगले कुछ दिनों में सकारात्मक खबर मिल जाएगी।
मक्का खरीदी पर किसानों की मांग का प्रस्ताव बनाकर संभाग कमिश्नर राज्य सरकार को भेजेंगे।
केंद्र और राज्य सरकार के स्तर के अन्य मुद्दों को मजबूती से शासन स्तर पर संभाग कमिश्नर द्वारा उठाया जाएगा।

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