पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित कुमार मिश्रा एवं एसडीओपी शालिनी परस्ते के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सिविल लाइन निरीक्षक रामसुमेर तिवारी द्वारा अवैध मादक पदार्थों के विक्रय, संग्रहण एवं परिवहन के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में एक विशेष टीम का गठन किया गया था।
पुलिस के अनुसार थाना प्रभारी रामसुमेर तिवारी के नेतृत्व में टीम गश्त एवं निगरानी के दौरान एक व्यक्ति को रात के समय बिजली के खंभे के नीचे संदिग्ध अवस्था में बैठा हुआ पाया। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ा और पूछताछ की। उसने अपना नाम राजू पिता गंगाविशन राजपूत (44 वर्ष), निवासी ग्राम कांकरिया, जिला हरदा बताया।
तलाशी के दौरान उसकी पैंट की दाहिनी जेब से एक पारदर्शी प्लास्टिक की छोटी पन्नी बरामद हुई, जिसमें भूरे रंग का पदार्थ भरा हुआ था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि पन्नी में एमडी पाउडर है और वह इसका सेवन करता है। इसके बाद पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों का पालन करते हुए मौके पर ही कार्रवाई कर 11.01 ग्राम एमडी पाउडर जब्त किया तथा आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध थाना सिविल लाइन हरदा में अपराध क्रमांक 218/2026, धारा 8/22 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी है। आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।
कार्रवाई में इन पुलिसकर्मियों की रही विशेष भूमिका
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी रामसुमेर तिवारी, सउनि सुनील बिसोने, प्रधान आरक्षक दुर्गेश सेंगर, उमेश राजपूत, महेश शर्मा, मोहन मीणा तथा आरक्षक वीरेन्द्र राजपूत की विशेष भूमिका रही, जिनकी सराहना की जा रही है।
बड़ा सवाल: सप्लायर और थोक नेटवर्क तक कब पहुंचेगी जांच?
सिविल लाइन पुलिस की इस कार्रवाई की आमजन द्वारा सराहना की जा रही है, लेकिन इसके साथ ही एक महत्वपूर्ण प्रश्न भी उठ रहा है। हरदा जिले में समय-समय पर एमडी पाउडर की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी की खबरें सामने आती रही हैं, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह मादक पदार्थ जिले में कहां से पहुंच रहा है और इसके पीछे कौन-सा सप्लाई नेटवर्क या थोक विक्रेता सक्रिय है।
जानकारों का मानना है कि नशे के खिलाफ प्रभावी लड़ाई तभी संभव है जब केवल उपभोक्ताओं या छोटे स्तर के आरोपियों तक सीमित रहने के बजाय पुलिस इस अवैध कारोबार की जड़ों तक पहुंचे और सप्लाई चेन से जुड़े बड़े तस्करों एवं थोक विक्रेताओं पर भी ठोस कार्रवाई करे। ऐसे में अब निगाहें पुलिस विवेचना पर टिकी हैं कि क्या इस मामले में पूछताछ के आधार पर एमडी पाउडर के स्रोत और सप्लायरों तक भी कार्रवाई पहुंच पाएगी या नहीं।
फिलहाल, सिविल लाइन पुलिस की यह कार्रवाई नशे के विरुद्ध अभियान में एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है, वहीं जिले में सक्रिय मादक पदार्थों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने की मांग भी जोर पकड़ रही है।

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