100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने किया मामले का खुलासा
हरदा(सार्थक जैन/स्वासिक गंगवाल)। शहर में महिला से चैन झपटने की वारदात का खुलासा करते हुए कोतवाली पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और सोने का पेंडल बरामद किया गया है। जब्त मशरूका की कुल कीमत लगभग 80 हजार रुपये बताई गई है।
स्थानीय सिटी कोतवाली में आयोजित प्रेस वार्ता में एसडीओपी शालिनी परस्ते एवं थाना प्रभारी रोशनलाल भारती ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि 2 जून 2026 को एक महिला ने थाना कोतवाली हरदा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। महिला ने बताया था कि वह न्यू गुरु कृपा होटल के सामने से स्कूटी से अपने घर जा रही थी। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार दो अज्ञात बदमाशों ने उसके गले में पहनी सोने की चैन पर झपट्टा मारा। झपट्टे के दौरान चैन टूटकर नीचे गिर गई, जबकि चैन में लगा सोने का पेंडल आरोपियों के हाथ लग गया। इसके बाद दोनों बदमाश मोटरसाइकिल से फरार हो गए।
पीड़िता की शिकायत पर थाना कोतवाली हरदा में धारा 304(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने हरदा शहर सहित आसपास के जिलों के करीब 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का अवलोकन किया। साथ ही तकनीकी साक्ष्य भी एकत्रित किए गए। जांच में मिले सुरागों के आधार पर आरोपियों के नसरुल्लागंज क्षेत्र से जुड़े होने की जानकारी मिली।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अस्मित उर्फ आशु पिता दिलीप साहू (22 वर्ष) निवासी ग्राम चकल्दी, हाल निवासी गुप्ता कॉलोनी भैरूंदा, जिला सीहोर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने अपने साथियों नंदलाल उर्फ नंदू पिता अशोक जारवाल (21 वर्ष) निवासी ग्राम जानसुर, थाना कांटाफोड़, जिला देवास तथा रोहित उर्फ रोहन पिता राजेश बिजोरिया (20 वर्ष) निवासी ग्राम जानसुर, थाना कांटाफोड़, जिला देवास के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया।
महिला को निशाना बनाकर की थी वारदात
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि 2 जून को वे हरदा शहर में घूम रहे थे। इसी दौरान उन्हें एक महिला अपने छोटे बच्चों के साथ स्कूटी से जाती दिखाई दी, जिसके गले में सोने की चैन थी। मौका पाकर मोटरसाइकिल पर पीछे बैठे रोहित उर्फ रोहन ने महिला की चैन पर झपट्टा मारा। हालांकि पूरी चैन उनके हाथ नहीं लग सकी और केवल उसका सोने का पेंडल ही हाथ में आया। वारदात के बाद दोनों आरोपी सीधे अस्मित उर्फ आशु के पास पहुंचे और पेंडल उसे सौंप दिया।
पहले भी कर चुके थे चैन स्नेचिंग की कोशिश
आरोपियों ने पूछताछ में यह भी स्वीकार किया कि घटना से पहले जैसानी चौक के पास भी उन्होंने एक महिला से चैन स्नेचिंग का प्रयास किया था, लेकिन महिला की सतर्कता के कारण वे सफल नहीं हो सके। इस घटना की शिकायत पुलिस थाने में दर्ज नहीं कराई गई थी।
मास्टरमाइंड था अस्मित उर्फ आशु
जांच में यह भी सामने आया कि अस्मित उर्फ आशु ही दोनों आरोपियों को महिलाओं के गले से सोने की चैन और अन्य कीमती सामान छीनने के लिए उकसाता था। वह चोरी के माल को बेचने और ठिकाने लगाने की जिम्मेदारी स्वयं लेने का भरोसा देता था। इतना ही नहीं, वारदात को अंजाम देने के लिए अपनी होंडा शाइन मोटरसाइकिल भी उपलब्ध कराता था। उसके कहने पर ही नंदलाल और रोहित हरदा आए थे।
80 हजार रुपये का मशरूका बरामद
पुलिस ने आरोपी नंदलाल उर्फ नंदू के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल तथा आरोपी अस्मित उर्फ आशु के कब्जे से सोने का पेंडल जब्त किया है। जब्त किए गए मशरूका में सोने के पेंडल की कीमत लगभग 40 हजार रुपये तथा मोटरसाइकिल की कीमत लगभग 40 हजार रुपये आंकी गई है। कुल बरामद मशरूका की कीमत लगभग 80 हजार रुपये है।
आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं कई आपराधिक मामले
पुलिस के अनुसार आरोपी नंदलाल उर्फ नंदू और रोहित उर्फ रोहन के विरुद्ध पूर्व में इंदौर में चैन स्नेचिंग तथा देवास जिले के कांटाफोड़ क्षेत्र में मंदिर से मुकुट चोरी सहित पांच-पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं। दोनों आरोपी एक मामले में पुलिस थाने से फरार भी हो चुके हैं, जिन्हें बाद में गिरफ्तार किया गया था।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
मामले के सफल खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी में उपनिरीक्षक सुरेन्द्र श्रीवास्तव, प्रधान आरक्षक हरप्रसाद पटेल, कुलदीप सिंह भदौरिया, आरक्षक प्रदीप मालवीय, वीरेन्द्र राजपूत, महिला आरक्षक वैशाली परते तथा साइबर सेल के आरक्षक कमलेश परिहार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके द्वारा अन्य वारदातों में संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।

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