हरदा। टिमरनी के नेशनल कबड्डी कोच अंकित जोशी के खिलाफ दर्ज छेड़छाड़ और पॉक्सो एक्ट के मामले में अब दो अलग-अलग पक्ष खुलकर सामने आ गए हैं। एक ओर जिला कांग्रेस कमेटी ने विधायक अभिजीत शाह के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक कै नाम थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और कथित गो-हत्या प्रकरण की भी जांच की मांग की है, वहीं दूसरी ओर कोच के समर्थन में उनकी प्रशिक्षित छात्राएं पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचीं और मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की मांग करते हुए अपना पक्ष रखा।
जिला कांग्रेस कमेटी हरदा के अध्यक्ष मोहन साईं एवं विधायक अभिजीत शाह के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कबड्डी खिलाड़ी छात्रा के साथ हुई घटना गंभीर और निंदनीय है। ज्ञापन में कहा गया कि प्रकरण दर्ज होने के बावजूद आरोपी को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होने की आशंका है, जिससे पीड़ित परिवार पर दबाव या खतरे की स्थिति बन सकती है। कांग्रेस ने छात्रा और उसके परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि छिदगांव मेले में हुई कथित गो-हत्या के मामले की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए तथा यदि किसी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप हो रहा है तो उसकी भी पड़ताल की जाए। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वह आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
वहीं दूसरी ओर छात्राएं कोच के समर्थन में आईं सामने
मंगलवार को टिमरनी से बड़ी संख्या में कबड्डी खिलाड़ी छात्राएं हरदा स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचीं और ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि किसी भी मामले में अंतिम सत्य केवल निष्पक्ष जांच के बाद ही सामने आ सकता है। उन्होंने पुलिस से बिना किसी दबाव के पारदर्शी जांच करने की मांग की।
छात्राओं ने अपने ज्ञापन में अंकित जोशी के खेल जीवन और प्रशिक्षक के रूप में उनके योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में अनेक खिलाड़ियों ने राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हरदा जिले और मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व किया है। कई खिलाड़ियों ने खेल के माध्यम से रोजगार और अन्य अवसर भी प्राप्त किए हैं।
छात्राओं ने यह भी दावा किया कि क्लब में वर्तमान में 50 से अधिक लड़कियां नियमित रूप से अभ्यास करती हैं और कोच ने हमेशा खिलाड़ियों की सुरक्षा, अनुशासन और सम्मान को प्राथमिकता दी है। कुछ छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि अनुशासनात्मक कार्रवाई के बाद उत्पन्न विवाद के कारण शिकायत दर्ज कराई गई है। हालांकि, इस दावे की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
*पुलिस जांच पर टिकी निगाहें*
मामले में अब शिकायतकर्ता पक्ष और कोच के समर्थन में सामने आए खिलाड़ियों के पक्ष के बीच अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। ऐसे में पूरे घटनाक्रम की सच्चाई पुलिस की निष्पक्ष और कानूनी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस ने दर्ज प्रकरण की विवेचना शुरू कर दी है और पूरे जिले की निगाहें जांच के निष्कर्ष पर टिकी हुई हैं।

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