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लोकायुक्त कार्यवाही : विभागीय जांच में सहयोग और रुका हुआ वेतन निकालने के नाम पर एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों दो गिरफ्तार

नीमच। लोकायुक्त संगठन उज्जैन ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए आदिम जाति कल्याण विभाग, नीमच के जिला संयोजक राकेश राठौर एवं उत्कृष्ट बालक छात्रावास नीमच के अधीक्षक हरीश चौहान को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों ट्रैप किया है। यह कार्रवाई लोकायुक्त महानिदेशक योगेश देशमुख के भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश एवं पुलिस अधीक्षक आनंद कुमार यादव के मार्गदर्शन में की गई।

लोकायुक्त से प्राप्त जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता कुर्दुला एक्का, अधीक्षिका, जूनियर कन्या छात्रावास कुकड़ेश्वर, जिला नीमच ने शिकायत दर्ज कराई थी कि छात्रावास में कथित अनियमितताओं के चलते उन्हें निलंबित कर विभागीय जांच प्रारंभ की गई थी। आरोप है कि विभागीय जांच में सहयोग करने तथा उनका पुराना रुका हुआ वेतन जारी कराने के बदले जिला संयोजक राकेश राठौर और अधीक्षक हरीश चौहान द्वारा 1 लाख 25 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की गई थी।

शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को 1 लाख रुपये की रिश्वत राशि लेते हुए ट्रैप कर लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की राशि हरीश चौहान की पैंट की दाहिनी जेब से बरामद की गई।

लोकायुक्त पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) की धारा-7 तथा भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 61(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।

ट्रैप दल में शामिल अधिकारी

डीएसपी दिनेशचंद्र पटेल, निरीक्षक हीना डावर, प्रधान आरक्षक हितेश ललावत, आरक्षक उमेश जाटव, आरक्षक श्याम शर्मा, आरक्षक मोहम्मद इसरार, आरक्षक संजीव कुमारिया, कंप्यूटर ऑपरेटर अंजली पुरानिया ।

प्रमुख बिंदु

  • 1.25 लाख रुपये की रिश्वत की थी मांग
  • 1 लाख रुपये लेते हुए दोनों आरोपी ट्रैप
  • रिश्वत राशि हरीश चौहान की जेब से बरामद
  • विभागीय जांच और रुके वेतन के नाम पर मांगी गई थी रिश्वत
  • भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

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