वैश्य महासम्मेलन के जिला प्रभारी राजीव जैन ने बताया कि प्रतिवर्ष 24 जून को देशभर में वैश्य समाज द्वारा सेवा, समर्पण और मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सेवा दिवस मनाया जाता है। यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का एक सशक्त माध्यम है।
उन्होंने कहा कि सेवा दिवस हमें यह संदेश देता है कि समाज की वास्तविक उन्नति तभी संभव है, जब हम अपने सुख के साथ-साथ दूसरों के जीवन में भी खुशियां बांटने का प्रयास करें। बुजुर्गों की सेवा, उनका सम्मान और उनके प्रति अपनत्व की भावना भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसे वैश्य समाज निरंतर आगे बढ़ा रहा है।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष दीपक नेमा ने कहा कि सेवा कार्य किसी विशेष अवसर का मोहताज नहीं होता, बल्कि इसे जीवन का संस्कार बनाना चाहिए। पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता के जीवन से प्रेरणा लेते हुए वैश्य समाज सामाजिक सरोकारों से जुड़े ऐसे कार्य निरंतर करता रहेगा।
कार्यक्रम में केट जिला अध्यक्ष सरगम जैन, अजय अग्रवाल, युवा अध्यक्ष शुभम बंसल, नंदू राठी, अभय अग्रवाल तथा महिला जिला अध्यक्ष श्रीमती रेणु जैन सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने सेवा और सामाजिक दायित्व के इस संकल्प को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। सेवा दिवस का यह आयोजन इस बात का प्रतीक बना कि समाज की वास्तविक शक्ति केवल आर्थिक समृद्धि में नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना और मानवीय मूल्यों के संरक्षण में निहित है।

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