श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा में आस्था की डुबकी लगाकर परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य एवं खुशहाली की कामना की। कई श्रद्धालुओं ने अपने पितरों की शांति और मोक्ष के लिए तर्पण एवं पिंडदान भी किया। घाटों पर दिनभर भजन-कीर्तन, मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला चलता रहा।
हालांकि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं किए जाने के कारण जगह-जगह यातायात जाम की स्थिति निर्मित हो गई। मुख्य मार्गों एवं घाटों की ओर जाने वाले रास्तों पर घंटों तक वाहन फंसे रहे, जिससे श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। पार्किंग और यातायात नियंत्रण की समुचित व्यवस्था नहीं होने से अव्यवस्था का माहौल बना रहा।
वहीं राजस्व विभाग द्वारा व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए विभिन्न घाटों पर पटवारी एवं कोटवारों की ड्यूटी लगाई गई थी। ये कर्मचारी दिनभर घाटों पर तैनात रहकर श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन करते रहे तथा भीड़ को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते नजर आए।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवती अमावस्या पर नर्मदा स्नान का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदी में स्नान और भगवान शिव की पूजा करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है तथा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है।
दिनभर नर्मदा तट पर श्रद्धा, भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा का आशीर्वाद प्राप्त कर अपने परिवार एवं समाज की खुशहाली की कामना की।

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