हरदा। नगर के वीर तेजाजी चौक पर आज बुधवार को कतिया समाज के लोगों ने कांग्रेस विधायक डॉ. आर.के. दोगने के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए उनका पुतला दहन किया। समाज ने विधायक पर एससी-एसटी युवा संगठन के प्रदेशाध्यक्ष राहुल पवारे को सार्वजनिक रूप से ‘दलाल’ कहकर अपमानित करने का आरोप लगाया है।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, यह घटना 3 मई को जिला अस्पताल परिसर में हुई थी। उस समय राहुल पवारे एक आदिवासी व्यक्ति रामदास कोरकू की मृत्यु के मामले में परिजनों को न्याय दिलाने के लिए अस्पताल पहुंचे थे। इसी दौरान प्रशासनिक अधिकारियों के देर से पहुंचने पर सवाल उठाने को लेकर विधायक और पवारे के बीच विवाद हो गया।
समाज का आरोप है कि विधायक दोगने ने सार्वजनिक रूप से अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया, जिससे न केवल पवारे की छवि प्रभावित हुई, बल्कि समाज की भावनाओं को भी ठेस पहुंची है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी दावा किया कि घटना का वीडियो उपलब्ध है।
कतिया समाज ने विधायक के खिलाफ दुर्व्यवहार एवं जातिगत अपमान के आरोप में शीघ्र एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। समाज ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं की गई, तो व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाजाएगागा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
प्रदर्शन के दौरान कतीया समाज प्रदेश अध्यक्ष सोहन बिल्लौरे, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष महेश कुल्हारे, प्रदेश उपाध्यक्ष वीपी काजवे, राहुल पवार Sc st युवा प्रदेश अध्यक्ष, हंडिया अध्यक्ष रामस्वरूप लखोरे, सखाराम उमरिया गणपत चौरसिया, देवेश्वर दूधे, रामचंद्र झिंझोरे, गोविंद हुरमाले, तोताराम काजबे, लक्ष्मण भैंसारे, अर्जुन हुरमाले, गोलू भंवरे, तरुण झिंझोरे, योगेश मलारे, राजेश चौरसिया, विशाल डोंगरे, जीआर चौरसिया, कमलेश बिल्लौरे, बंसीलाल चौरे, ओपी देवहारे, उमाशंकर चौरे अशोक ढोके ओमप्रकाश चावड़ा सहित सैकड़ों की तादाद मे सामाजिक लोग मौजूद रहे।
इस संबंध में विधायक आर के दोगने का कहना है कि उनकी बात का गलत मतलब निकाला जा रहा है। उनकि मंशा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की है, इस मुद्दे पर कुछ लोगों द्वारा समाज के नाम पर राजनिति कि जा रही है जबकि भाजपा नेता से जुड़े एक मामले में समाज का साथ क्यों नहीं दिया यह अपने आप में खुद एक प्रश्न है।

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