प्राप्त जानकारी के अनुसार, मड़ला थाना प्रभारी रचना पटेल, हेड कॉन्स्टेबल रज्जाक खान, कॉन्स्टेबल रामशरण तथा उनके सहयोगी बृजेश यादव पर साजिश रचने और जबरन वसूली करने के आरोप लगे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए तीनों पुलिसकर्मियों को पहले ही लाइन अटैच किया जा चुका है।
शिकायतकर्ता रीवा निवासी सर्राफा व्यापारी मोहनलाल सोनी ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि 14 मई को वह बागेश्वर धाम दर्शन के लिए जा रहे थे। इसी दौरान मड़ला गांव के पास सिविल ड्रेस में आए कुछ लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए उनकी कार रुकवाई। आरोप है कि उन्होंने व्यापारी पर गांजा तस्करी का आरोप लगाते हुए वाहन की तलाशी ली और एक पॉलिथीन दिखाकर झूठे मामले में फंसाने की कोशिश की।
व्यापारी का कहना है कि आरोपियों ने उन्हें धमकाकर अपनी कार में बैठा लिया और एक शराब दुकान के पीछे ले जाकर करीब दो घंटे तक बंधक बनाकर रखा। इस दौरान उनसे 95 हजार रुपये की वसूली की गई।
मामले की शिकायत और प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने थाना प्रभारी सहित चारों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। बताया जा रहा है कि मामला दर्ज होने के बाद से सभी आरोपी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
यह मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और जवाबदेही को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। वहीं, स्थानीय लोगों और व्यापारिक संगठनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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