हरदा। ऑनलाइन फार्मेसी और कॉरपोरेट कंपनियों द्वारा दवाओं की कथित अनियंत्रित ऑनलाइन बिक्री के विरोध में बुधवार को हरदा जिले के दवा विक्रेताओं ने एकजुट होकर जोरदार प्रदर्शन किया। जिलेभर की 200 से अधिक मेडिकल दुकानें पूर्णतः बंद रहीं। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (एआईओसीडी) एवं मध्यप्रदेश राज्य केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के आह्वान पर आयोजित राष्ट्रव्यापी एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल का जिले में व्यापक असर देखने को मिला। हरदा जिला केमिस्ट एसोसिएशन के नेतृत्व में शहरी, और ग्रामीण क्षेत्रों के दवा विक्रेताओं ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर आंदोलन को समर्थन दिया।
भीषण गर्मी और तेज धूप के बावजूद बड़ी संख्या में दवा कारोबारी अनुशासित तरीके से वाहन रैली में शामिल हुए और ऑनलाइन फार्मेसी के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध दर्ज कराया। कलेक्ट्रेट पहुंचकर दवा विक्रेताओं ने संयुक्त कलेक्टर को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में ऑनलाइन दवा बिक्री पर तत्काल रोक लगाने, फर्जी ई-प्रिस्क्रिप्शन पर सख्त कार्रवाई करने तथा दवा वितरण व्यवस्था के लिए स्पष्ट और कड़े नियम लागू करने की मांग की गई।
*जनस्वास्थ्य और छोटे कारोबार पर खतरा*
जिला केमिस्ट एसोसिएशन के सचिव सत्यम बंसल ने कहा कि बिना वैध चिकित्सकीय पर्चे के ऑनलाइन दवाओं की बिक्री, अनियंत्रित होम डिलीवरी और अत्यधिक छूट मरीजों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन रही है। उनका कहना है कि दवा कोई सामान्य उपभोक्ता वस्तु नहीं, संवेदनशील स्वास्थ्य सेवा का हिस्सा है। साथ ही बड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स छोटे और मध्यम स्तर के लाइसेंसधारी मेडिकल संचालकों के व्यापार को प्रभावित कर रहे हैं।
*जीएसआर प्रावधान वापस लेने की मांग*
दवा विक्रेताओं ने केंद्र सरकार से जीएसआर 817(ई) और 220(ई) को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि इन प्रावधानों का लाभ उठाकर ऑनलाइन कंपनियां दवाओं की अनियंत्रित डिलीवरी कर रही हैं।
*आपातकालीन सेवाएं रहीं जारी*
हड़ताल के बावजूद जरूरतमंद मरीजों के लिए आपातकालीन दवाओं की उपलब्धता प्रशासन द्वारा सुनिश्चित की गई। ऐसोसिएशन ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

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