भीषण गर्मी में बिजली कटौती से त्रस्त हरदा, जनता का फूटा गुस्सा; मेंटेनेंस और तकनीकी खामियों पर उठे सवाल
हरदा। जिले में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती ने आम नागरिकों का जीवन प्रभावित कर दिया है। भीषण गर्मी के बीच घंटों बिजली गुल रहने से लोगों में बिजली विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। नागरिकों का आरोप है कि विभाग बिना पूर्व सूचना के बिजली आपूर्ति बंद कर देता है, जबकि शिकायतों और परेशानियों पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता।
शहरवासियों का कहना है कि बिजली कटौती के साथ-साथ बिलिंग व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। कई उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि एक ही माह में दो-दो बार बिजली बिल थमाए जा रहे हैं, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। लोगों का कहना है कि विभाग की मनमानी और जवाबदेही की कमी से उपभोक्ता परेशान हैं।
मंगलवार देर रात हरदा शहर में व्यापक बिजली बाधित होने पर लोगों ने सोशल मीडिया और विभिन्न समूहों में अपनी नाराजगी व्यक्त की। विभागीय कर्मचारियों के अनुसार इंदौर रोड स्थित गुरु कृपा होटल के पास 132 केवी लाइन के जंपर में तकनीकी खराबी आने से बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई थी। कर्मचारियों ने मरम्मत कार्य कर आपूर्ति बहाल की ।
हालांकि नागरिकों का कहना है कि तकनीकी खराबियां अब आम बात बन चुकी हैं। उनका आरोप है कि साल भर मेंटेनेंस के नाम पर बिजली कटौती की जाती है, लेकिन व्यवस्था में अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं देता। व्यापारियों का भी कहना है कि लगातार चेकिंग अभियान और बिजली संकट के कारण बाजार की गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
कुछ नागरिकों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेशभर में बिजली कटौती की समस्या केवल हरदा तक सीमित नहीं है, बल्कि कई शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी यही स्थिति बनी हुई है। लोगों ने सरकार और बिजली कंपनियों से पारदर्शी व्यवस्था, पूर्व सूचना के साथ कटौती और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
जनता की मांग है कि बिजली विभाग अघोषित कटौती पर रोक लगाए, बिलिंग संबंधी शिकायतों का समाधान करे और गर्मी के मौसम में उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए प्रभावी कदम उठाए।

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