हरदा । जिले की तहसील सिराली में पदस्थ पटवारियों ने तहसीलदार की कथित तानाशाहीपूर्ण कार्यशैली और मानसिक प्रताड़ना के विरोध में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (एसडीएम) सुश्री शिवांगी बघेल को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। पटवारी संघ ने आरोप लगाया है कि तहसीलदार द्वारा आए दिन कलेक्टर का नाम लेकर पटवारियों को निलंबन, सेवा समाप्ति और वेतन रोकने की धमकियां दी जाती हैं, जिससे कर्मचारियों में भारी मानसिक तनाव का माहौल बना हुआ है।
ज्ञापन में बताया गया कि तहसील क्षेत्र के सभी पटवारी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों का नियमित पालन कर रहे हैं। प्रत्येक मंगलवार को आयोजित बैठकों में फार्मर आईडी, नक्शा बंटांकन, सीएम हेल्पलाइन, खसरा नंबर सहित अन्य राजस्व कार्यों की समीक्षा की जाती है और पटवारी समय-सीमा में कार्य पूर्ण कर रहे हैं। इसके बावजूद तहसीलदार द्वारा लगातार दबाव बनाया जा रहा है।
पटवारियों ने कहा कि वर्तमान में लघु सिंचाई संगणना एवं क्षतिपूर्ति जैसे अतिरिक्त कार्यों का दबाव भी है, लेकिन इसके बावजूद रोज शाम 6 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक ली जाती है। दूरस्थ क्षेत्रों में पदस्थ पटवारियों को देर रात तक ड्यूटी कर लौटना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
ज्ञापन में विशेष रूप से पटवारी रमेश नाग का उल्लेख करते हुए बताया गया कि ड्यूटी और बैठक के बाद देर रात लौटते समय उनका सड़क हादसा हो गया, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए। वर्तमान में उनका इलाज इंदौर में चल रहा है। पटवारी संघ ने इसे लगातार बढ़ते मानसिक दबाव और कार्यभार का परिणाम बताया है।
संघ ने आरोप लगाया कि बैठकों में तहसीलदार द्वारा बार-बार यह कहा जाता है कि “कलेक्टर साहब के निर्देश पर दो पटवारियों को सस्पेंड और दो को टर्मिनेट किया जाएगा।” इस प्रकार की चेतावनियों से कर्मचारियों में भय और असुरक्षा का वातावरण बन गया है।
पटवारी संघ ने कहा कि लगातार मानसिक दबाव, अपमानजनक व्यवहार और अनिश्चितता के कारण कर्मचारी मानसिक रूप से परेशान हैं। यदि भविष्य में किसी पटवारी के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित तहसीलदार की होगी।
संघ ने एसडीएम से मामले की निष्पक्ष जांच कर तहसीलदार को कार्यशैली में सुधार के निर्देश देने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो पटवारी संघ आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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