पुलिस जांच के अनुसार, वीरु की पहचान सोशल मीडिया के माध्यम से रीना पटेल से हुई थी। लगातार बातचीत, पोस्ट और वीडियो पर प्रतिक्रियाओं के बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। इसी भरोसे के चलते वीरु करीब 900 किलोमीटर का सफर तय कर नरसिंहपुर पहुंचा, लेकिन उसे यह नहीं पता था कि यह मुलाकात उसकी जिंदगी की आखिरी साबित होगी।
बताया जा रहा है कि रीना पटेल पहले से अरुण पटेल के संपर्क में थी और दोनों साथ रह रहे थे। पुलिस के मुताबिक, प्रेम संबंधों में पैदा हुए विवाद के चलते हत्या की साजिश रची गई। 29 अप्रैल 2026 को वीरु को रीना के घर बुलाया गया, जहां पहले से मौजूद आरोपियों ने कथित रूप से बेसबॉल बैट से हमला कर उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपियों ने शव को बोरी में भरकर XUV700 वाहन से करीब 200 किलोमीटर दूर रायसेन जिले के एक पुल के नीचे फेंक दिया। वारदात के बाद आरोपी उज्जैन और मुंबई घूमने निकल गए, जिससे पुलिस को शक और गहरा हुआ।
यह घटना केवल एक हत्या नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से बढ़ती नजदीकियों के खतरों की चेतावनी भी है। आज के दौर में ऑनलाइन दोस्ती तेजी से रिश्तों में बदल जाती है, लेकिन कई बार सामने वाले व्यक्ति की वास्तविकता और मंशा को समझ पाना आसान नहीं होता।
विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया पर बने रिश्तों में सावधानी, सत्यापन और सतर्कता बेहद जरूरी है। किसी भी व्यक्ति पर आंख मूंदकर भरोसा करना खतरनाक साबित हो सकता है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और डिजिटल सबूतों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।

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