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किसानों का एक एक दाना खरीदा जाएगा, अतिक्रमण और अवैध उत्खनन पर चलेगा सख्त अभियान : मंत्री विश्वास सारंग


हरदा विकास सलाहकार समिति की बैठक में खरीदी व्यवस्था, सिंचाई, सड़क निर्माण और वन भूमि संरक्षण को लेकर दिए कड़े निर्देश

हरदा। प्रदेश के सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री तथा हरदा जिले के प्रभारी मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने जिला विकास सलाहकार समिति की महत्वपूर्ण बैठक लेकर विभिन्न विभागों के कार्यों एवं विकास योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में मंत्री श्री सारंग ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले में संचालित सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का “सैचुरेशन” सुनिश्चित किया जाए ताकि कोई भी पात्र हितग्राही शासन की योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य केवल आंकड़े बढ़ाना नहीं बल्कि अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना है।

बैठक में कृषि, सड़क निर्माण, जल आपूर्ति, शिक्षा, ग्रामीण विकास, वन विभाग, जनजातीय कल्याण और अधोसंरचना से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री सारंग ने अधिकारियों को समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्ता आधारित कार्य प्रणाली अपनाने के निर्देश दिए।

*किसानों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता, एक-एक दाना खरीदे जाने के निर्देश*

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की समीक्षा करते हुए मंत्री सारंग ने कहा कि मूंग एवं गेहूं खरीदी प्रक्रिया में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि किसानों का एक-एक दाना खरीदा जाए और खरीदी केंद्रों पर छांव, पानी, बैठने सहित सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

उन्होंने किसानों के लिए स्लॉट बुकिंग व्यवस्था को व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाने तथा उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही जन-जागरण अभियान के माध्यम से किसानों तक समय पर सभी आवश्यक सूचनाएं पहुंचाने पर जोर दिया।

मंत्री श्री सारंग ने किसानों को यूरिया एवं खाद की कमी न हो इसके लिए “घर पहुंच सेवा” जैसे नवाचारों पर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने नहरों के माध्यम से किसानों को सिंचाई हेतु पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने की बात भी कही।

*जल संरक्षण और 100 प्रतिशत नल-जल कवरेज पर फोकस*

बैठक में मंत्री श्री सारंग ने “जल गंगा संवर्धन अभियान” के तहत पुराने तालाबों के संरक्षण एवं जीर्णोद्धार कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल अभियान नहीं बल्कि भविष्य की आवश्यकता है।

जल जीवन मिशन एवं नल-जल योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि हरदा जिले में हर व्यक्ति तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए। गर्मी के मौसम को देखते हुए ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के लिए अलग-अलग कार्य योजना बनाकर जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

मंत्री श्री सारंग ने कहा कि नल-जल योजना का कवरेज 100 प्रतिशत करने की दिशा में तेजी से काम किया जाए तथा जहां योजनाएं संचालित हैं वहां आमजन से फीडबैक लेकर व्यवस्थाओं में सुधार किया जाए। साथ ही पानी की टंकियों की नियमित निगरानी एवं क्षतिग्रस्त टंकियों की मरम्मत कर उन्हें पुनः कार्यशील बनाने के निर्देश भी दिए।

*सड़क निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश*

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा के दौरान मंत्री श्री सारंग ने कहा कि जिले में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए और सभी निर्माण कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हों। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सड़क निर्माण के बाद गुणवत्ता परीक्षण एवं मरम्मत कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।

उन्होंने उन ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए जिन्होंने सड़कों को खोदकर छोड़ दिया है या मरम्मत कार्य अधूरा छोड़ा है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक सड़क निर्माण स्थल पर बोर्ड लगाने को कहा गया जिसमें निर्माण तिथि, कार्य एजेंसी एवं ठेकेदार का नाम और संपर्क नंबर अंकित हो।

मंत्री श्री सारंग ने कहा कि जिन सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव अधिक है उन्हें उच्च क्षमता वाली सड़कों के रूप में विकसित किया जाए। साथ ही स्कूल, कॉलेज, अस्पताल एवं श्मशान घाट तक पहुंचने वाले मार्गों की गुणवत्ता सुधारने तथा आवश्यकतानुसार बाईपास निर्माण की योजना तैयार करने के निर्देश दिए।

*हरदा बाईपास परियोजना में तेजी लाने के निर्देश*

बैठक में हरदा में प्रस्तावित बाईपास परियोजना की समीक्षा भी की गई। मंत्री श्री सारंग ने भूमि अधिग्रहण एवं निर्माण प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि बेहतर यातायात व्यवस्था एवं शहर को ट्रैफिक दबाव से मुक्त करने के लिए बाईपास परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

*प्रधानमंत्री आवास योजना और स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा*

मंत्री श्री सारंग ने प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ समय पर मिले तथा निर्माण कार्यों में गति लाई जाए । उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत शौचालय एवं सामुदायिक स्वच्छता परिसरों के निर्माण कार्यों को तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

*शिक्षा व्यवस्था में सुधार और ड्रॉपआउट पर विशेष फोकस*

बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री श्री सारंग ने परीक्षा परिणामों में गिरावट के कारणों की पहचान कर सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूल छोड़ने वाले बच्चों (ड्रॉपआउट) का विशेष सर्वे कर उन्हें पुनः शिक्षा से जोड़ने की कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उन्होंने संदीपनी स्कूलों की स्टडी एवं उनके प्रभाव का परीक्षण करने तथा शासकीय पीजी कॉलेज के लिए प्रस्ताव तैयार कर भेजने के निर्देश भी दिए।

*जनजातीय छात्रावासों और मूलभूत सुविधाओं की होगी भौतिक जांच*

मंत्री श्री सारंग ने जनजातीय छात्रावासों में पानी, बिजली एवं वार्डन की उपलब्धता का भौतिक परीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने नए छात्रावासों के प्रस्ताव तैयार करने एवं पुराने छात्रावासों की मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता देने को कहा।

*वन भूमि अतिक्रमण और अवैध उत्खनन पर सख्ती*

बैठक में वन विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री श्री सारंग ने वृक्षारोपण के साथ पौधों के संरक्षण एवं जीवित रहने की दर बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने वन विभाग एवं अन्य सरकारी जमीनों पर हुए अतिक्रमण को चिन्हित कर अगले दो महीनों में सख्ती से हटाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही अवैध रेत एवं खनिज उत्खनन पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

*प्रशासनिक समन्वय और समयसीमा आधारित कार्य संस्कृति पर जोर*

मंत्री श्री सारंग ने निर्देश दिए कि एक ही प्रकृति के कार्यों से जुड़े विभाग हर माह संयुक्त बैठक कर बेहतर समन्वय स्थापित करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सरकारी कार्य की स्पष्ट समयसीमा तय हो और उसकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए।

*डेयरी विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर बल*

बैठक में मंत्री श्री सारंग ने दूध उत्पादन बढ़ाने एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के उद्देश्य से नई डेयरी समितियों के गठन पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सहकारिता आधारित मॉडल ग्रामीण विकास को नई दिशा देगा।

*“सैचुरेशन मॉडल” से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा लाभ*

बैठक में मंत्री श्री सारंग ने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर योजना का शत-प्रतिशत सैचुरेशन सुनिश्चित किया जाए और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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