उपभोक्ताओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिलों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हो रही है। उनका आरोप है कि पहले जितनी बिजली की खपत होती थी, अब उसी खपत पर कई गुना अधिक बिल आ रहे हैं, जिससे आम परिवारों का मासिक बजट प्रभावित हो रहा है।
उपभोक्ता श्याममुरारी सुखवाय ने बताया कि उनके घर पर ताला लगा होने के बावजूद उनकी अनुमति के बिना मीटर बदल दिया गया। विरोध करने पर बिजली कंपनी के कर्मचारियों ने मीटर तोड़ने का वीडियो बनाकर कार्रवाई कराने की धमकी दी।
वहीं उपभोक्ता मुस्तफा ने आरोप लगाया कि वह समय पर बिजली बिल जमा करते हैं और उनका पुराना मीटर भी सही स्थिति में था, इसके बावजूद उनका मीटर जबरन बदल दिया गया।
दूसरी ओर बिजली विभाग के डीजीएम संजय यादव ने कहा कि स्मार्ट मीटर लगाने के संबंध में शासन का गजट नोटिफिकेशन जारी हो चुका है। इसलिए मीटर बदलने के लिए उपभोक्ता की सहमति आवश्यक नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी उपभोक्ता को स्मार्ट मीटर की रीडिंग या कार्यप्रणाली पर संदेह है, तो उसी परिसर में पुराने मीटर के साथ टेस्टिंग मीटर लगाकर जांच की जा रही है।
विधायक श्री दोगने ने उपभोक्ताओं की शिकायतें सुनने के बाद अधिकारियों से मामले का समाधान निकालने और लोगों की शंकाओं का उचित निराकरण करने की बात कही।

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