हर मंगलवार को शिकायत लेकर पहुंचते थे किसान, पुलिस और प्रशासन ने शुरू की जांच
हरदा। जिला मुख्यालय में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान जहरीला पदार्थ खाने वाले किसान की इलाज के दौरान मौत हो गई। किसान पारिवारिक जमीन विवाद की शिकायत लेकर जनसुनवाई में पहुंचे थे। घटना के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार हंडिया तहसील के ग्राम अजनास रैय्यत निवासी 55 वर्षीय भगत पिता रामकृष्ण विश्वकर्मा मंगलवार को जिला पंचायत कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में अपनी पैतृक जमीन से जुड़े विवाद की शिकायत लेकर पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने कथित रूप से जहरीला पदार्थ खा लिया। कुछ ही देर में उनकी तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने तत्काल उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया।
जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने उनका उपचार शुरू किया, लेकिन उनकी हालत लगातार गंभीर बनी रही। डॉक्टर उन्हें बेहतर इलाज के लिए भोपाल रेफर करने की तैयारी कर रहे थे, इसी दौरान उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी। परिजनों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।
मृतक के बेटे राकेश विश्वकर्मा ने बताया कि पिछले पांच-छह वर्षों से छह एकड़ जमीन को लेकर परिवार में विवाद चल रहा था। इसी मामले को लेकर उनके पिता हर मंगलवार जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराने जाते थे और न्याय मिलने की उम्मीद लगाए हुए थे।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. एच.पी. सिंह ने बताया कि जनसुनवाई के दौरान जिला पंचायत परिसर में किसान की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचने पर किसान ने बताया कि उसने जहरीला पदार्थ खा लिया है। इसके बाद तत्काल एम्बुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार किसान लंबे समय से पारिवारिक जमीन विवाद से परेशान था। हालांकि उसने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया, इसकी जांच पुलिस और प्रशासन द्वारा की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के कारणों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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