हरदा। जिला मुख्यालय पर मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में बारिश से क्षतिग्रस्त मकान का मुआवजा नहीं मिलने, शासन की योजनाओं के तहत बैंक से ऋण नहीं मिलने, सेवानिवृत्ति उपरांत स्वत्व राशि का भुगतान लंबित रहने, कृषि भूमि के सीमांकन और जाति प्रमाण-पत्र जारी नहीं होने जैसी समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं। कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने सभी मामलों की सुनवाई कर संबंधित अधिकारियों को शीघ्र एवं समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए।
ग्राम रेसलपुर निवासी भूरी बाई ने बारिश से क्षतिग्रस्त मकान का मुआवजा नहीं मिलने की शिकायत की। इस पर कलेक्टर ने तहसीलदार हरदा को मौके पर जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। वहीं ग्राम बिच्छापुर निवासी महेश एवं कुलदीप बारवे ने शासन की योजनाओं के तहत बैंक द्वारा ऋण स्वीकृत नहीं किए जाने की शिकायत दर्ज कराई, जिस पर अग्रणी बैंक प्रबंधक को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा खिरकिया निवासी रामभरोस राजपूत ने सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले स्वत्वों के भुगतान की मांग रखी, जबकि तजपुरा निवासी भगवतसिंह ने कृषि भूमि के सीमांकन के लिए आवेदन दिया। दूधकच्छकला निवासी सिमरन ने जाति प्रमाण-पत्र बनवाने की मांग की, जिस पर पात्रता के अनुसार प्रमाण-पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए।
जनसुनवाई जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित हुई, जिसमें जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अंजली जोसेफ जोनाथन, अपर कलेक्टर पुरुषोत्तम कुमार, संयुक्त कलेक्टर रजनी वर्मा सहित अन्य जिला अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का प्राथमिकता के आधार पर समय पर निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

0 टिप्पणियाँ