पटवारियों ने विभिन्न मांगों के निराकरण नहीं होने से रूष्ट होकर शुरू की कलम बंद हड़ताल
बार - बार ज्ञापन देने के बावजूद अधिकारी नहीं दे रहे थे ध्यान
विदिशा/लटेरी - जब सब्र का बांध टूट जाता है तो कर्मचारी विद्रोह कर देता, ऐसा ही कुछ आज विदिशा जिले की लटेरी तहसील में घटित हुआ जब वर्षों से शासनादेश होने के बावजूद अधिकारियों द्वारा पटवारियों की न्याय उचित मांगो और आर्थिक हक पर ध्यान नहीं देने के चलते पटवारियों ने बस्ता रख कलम बंद हड़ताल शुरू कर दी। ऐसा नहीं है कि पटवारियों ने अपनी मांगों के लिए पूर्व में अधिकारियों के आगे गुहार नहीं लगाई हो, पूर्व में बार-बार ज्ञापन दिए जाने और अपनी न्यायोचित मांगों को पूरा करने के लिए पर्याप्त समय देने के बावजूद जब अधिकारियों के कान पर जूं नहीं रेंगी तो दिन रात काम करने वाले पटवारियों अंततः कलम बंद करने का फैसला करते हुए आंदोलन प्रारंभ कर दिया।
मामला कुछ यूं है कि जिले की लटेरी तहसील में पदस्थ पटवारी वर्ष 2017 की हड़ताल अवधि का वेतन जिसका आदेश शासन द्वारा 2 वर्ष पूर्व ही किया जा चुका है की मांग कर रहे थे इसके साथ ही पटवारी अतिरिक्त हलके का मानदेय , समय मान वेतनमान, नवीन साथियों का और परिवीक्षा अवधि पूर्ण कर चुके साथियों का स्थायीकरण जैसी साधारण सी आधिकारिक स्तर पर हल की जाने वाली अपनी मांगों के बारे में विगत काफी समय से अधिकारियों से निवेदन और मान मनौब्बल कर रहे थे। जिसके लिए पटवारियों ने संघ के माध्यम से बार बार ज्ञापन देकर अनुरोध भी किया, किंतु तानाशाह अधिकारियों द्वारा इस पर कोई ध्यान नहीं दिये जाने से तहसील के समस्त पटवारियों ने आज 2 फरवरी से कलम बंद आंदोलन की शुरुआत कर दी।
उक्त जानकारी देते हुए मध्यप्रदेश पटवारी संघ तहसील इकाई लटेरी के अध्यक्ष सुनील श्रीवास्तव ने बताया कि तहसील के पटवारियों की विभिन्न मांगों को लेकर आज मध्य प्रदेश पटवारी संघ तहसील इकाई लटेरी द्वारा कलम बंद हड़ताल प्रारंभ की गई है। उन्होंने बताया कि एसडीएम महोदय से बार बार निवेदन करने ज्ञापन देने के बावजूद भी पटवारियों की न्यायोचित मांगों पर शासन से आदेश होने के बाद भी ध्यान नहीं देने के कारण यह कदम उठाने के लिए बाध्य होना पड़ा।
इस दौरान तहसील में तहसील अध्यक्ष सुनील श्रीवास्तव, तहसील उपाध्यक्ष अर्पिता यादव, कार्यकारी अध्यक्ष नरेंद्र श्रीवास्तव, के साथ ही पटवारी नीलेश रघुवंशी, सुरेंद्र साहू, ताजदार खलील, खिलान सिंह मीणा, सुनील कुशवाहा, चंद्रशेखर कौरव, रामचंद्र कटारा, देवेंद्र राजपूत, शशिकांत गंगवार, राजेश डावर, गोरेलाल धुर्वे, अंकित पगारिया, पवन अहिरवार, घनश्याम अहिरवार, अरुण श्रीवास्तव, अरुण भदोरिया, थदोऊ एस बड़ा, प्रदीप बंसल, अमृतांश कटिहार, अजय चौधरी, राम गोपाल परिहार, हिमांशी राय, तौकीर जहां, पल्लवी श्रीवास्तव, अमृता बिलगैया, रूपा रानी, रामप्रकाश गोरे एवं समस्त तहसील लटेरी के पटवारी साथी उपस्थित थे।

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