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किसानों की मांगों को लेकर कांग्रेस ने खोला मोर्चा, ट्रैक्टर रैली निकाल की चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा


आंदोलन के अगले चरण में प्रदेश की मंडियों को करेंगे बंद, शुरूआत होगी हरदा से : पटवारी

भोपाल/हरदा (सार्थक जैन) । मध्यप्रदेश में गेहूं उत्पादन को लेकर मिनी पंजाब कहलाने वाले हरदा जिले में आज किसानों की मांगों को लेकर कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में कांग्रेस ने ट्रैक्टर रैली निकाल कर चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है । किसानों की मांगों को लेकर कांग्रेस ने आज शनिवार को किसान न्याय यात्रा निकाली निकाली जिसमें सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता ट्रैक्टर पर सवार होकर नगर में निकले।  इस दौरान कांग्रेसियों ने बीजेपी की केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ट्रैक्टर रैली में शामिल PCC चीफ जीतू पटवारी बोले अगले चरण में प्रदेश की मंडियों को बंद कराया जाएगा, जिसकी शुरुआत हरदा से होगी। श्री पटवारी ने कहा कि हरदा के किसानों ने सोयाबीन के दाम 6 हजार रुपए प्रति क्विंटल करने की मांग आंदोलन से पूरे प्रदेश में किसानों के आंदोलन को बल मिला है। उन्होंने किसानों से कहा- जब किसानों के हक की बात आती है तो हमें कांग्रेस बीजेपी से ऊपर हटकर किसानों के लिए खड़े होना चाहिए। उन्होंने कहा- जल्द ही प्रदेश की सभी मंडियों को बंद करने की तारीखों को डिसाइड किया जाएगा।
हरदा में 25 हजार किसानों के साथ आंदोलन की शुरुआत की जाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार ने समर्थन मूल्य को लेकर के जो गारंटी दी थी। उस गारंटी को याद दिलाने के लिए कांग्रेस ने किसानों के साथ न्याय यात्रा निकाली है। कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने किसानों के समर्थन में आंदोलन किया था। 3100 रुपए में किसानों से धान की खरीदी की जाए। 2700 रुपए क्विंटल गेहूं की खरीदी हो और 6 हजार में सोयाबीन की खरीदी की जाए। इसके अलावा मांग है कि कृषि से जुड़े हर वस्तुओं में जो टैक्स लगाया गया है। उसमें छूट दिलाईजाए।
किसान दुःखी है सरकार गारंटी पूरी करे : विधायक डॉ रामकिशोर दोगने : रैली की शुरुआत खंडवा रोड़ पर से हुई जो घण्टाघर चौक होते हुए परशुराम चौक से होते हुए गुर्जर बोर्डिंग से होकर कृषि उपज मंडी पहुंचीं। यहां पर संबोधित करते हुए विधायक डॉ. आर के दोगने ने कहा- आज (शनिवार) को हमारा जो किसान है दुखी है, परेशान है। सरकार किसान की आवाज नहीं सुन रही है। सरकार ने कहा था किसानों की आय को दोगुना किया जाएगा। हालांकि, किसानों का फसल की लागत मूल्य भी नहीं निकल रहा है। सरकार किसानों की ओर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रही है। अति वर्षा के कारण किसानों की फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। हालांकि, सरकार किसानों को उनका मुआवजा भी नहीं मुहैया करा पा रही है।



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