फरियादी अयाज बेग मिर्जा नामांतरण ने नामांतरण का प्रकरण लगाया था। इसे खारिज करने के लिए वह सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा था। सारंगपुर एसडीएम कार्यालय में पदस्थ एसडीएम के रीडर शक्ति सिंह ने मामला निपटाने के नाम पर 30 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। जिसकी शिकायत पीड़ित ने भोपाल लोकायुक्त टीम से कर दी।
आज आरोपी 5000 हजार रुपए की किश्त ले रहा था। इसी दौरान जाल बिछाकर लोकायुक्त ने उसे ट्रैप कर लिया और रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल आरोपी के पास से पैसे जब्त कर लिए गए हैं। आगे की कार्रवाई जारी है। ट्रैप टीम में डीएसपी संजय शुक्ला के नेतृत्व में ट्रैप कर्ता अधिकारी निरीक्षक उमा कुशवाह, निरीक्षक घनश्याम, प्रधान आरक्षक, राजेंद्र पावन, मुकेश परमार अवध और संदीप कुशवाह शामिल हैं।
जिस जमीन मामले में रिश्वत की शिकायत हुई, उसका नामांतरण पहले हो चुका -वहीं मामले में अन्य रीडर और बाबूओं से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिस मामले में लोकायुक्त कार्रवाई कि जा रही उस मामले का नामांतरण तो 26 अगस्त को न्यायालय के आदेश के बाद 29 अगस्त को पहले ही आदेश हो चुका है।