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खोट की जमीन को हड़पने का षडयंत्र, आदिवासियों ने थाना घेरा

● खोट की जमीन को हड़पने का षडयंत्र
● आदिवासी संगठनों के साथ मिलकर बना रहे दबाव, थाना घेरा

हरदा जिले की रहटगांव तहसील के ग्राम रातामाटी व सालई में कुछ आदिवासी ओर राधा स्वामी संस्था के बीच जमीन को लेकर विवाद काफी समय से चल रहा है। गत दिवस इसी मामले को लेकर आदिवासी जनजाति महासंघ, राष्ट्रीय नागरिक अधिकार संगठन व राष्ट्रीय आदिवासी एकता मंच के बैनर तले रहटगांव थाने का घेराव किया गया। इससे पूर्व आमसभा भी आयोजित की गई। जिसमें उन्होंने राजाबरारी संस्था पर अत्याचार करने का आरोप लगाया। साथ ही चेतावनी भी दी कि यदि दस दिनों के भीतर कार्यवाही नहीं की गई तो सड़क पर आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने टिमरनी एसडीओपी आरके गहलोत, प्रभारी तहसीलदार संगीत महतो, थाना प्रभारी, रेंजर की उपस्थिति में ज्ञापन भी सौपा।

क्या है पूरा मामला-
मिडिल इंडिया मेडिकल रिलीफ सोसायटी ओर मिडिल इंडिया चेरेटिबल सोसायटी की ग्राम रातामाटी व सालई में स्थित है। जिसका राजस्व रिकार्ड में भूमि स्वामी ओर कब्जेदार संस्था ही है। संस्था 2 प्रतिशत खुद व 98 प्रतिशत खोटदार आदिवासी के हक में उनके जीवन यापन हेतु देती है। संस्था ने 271 एकड़ भूमि 104 आदिवासी परिवार को दे रखी है। जिससे वे अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं।

कहां से शुरू हुआ विवाद-
वर्षों पूर्व ग्राम कचनार से पतिराम आदिवासी रोजगार की तलाश में राजाबरारी आया था। उसकी दयनीय स्थिति को देखते हुए संस्था ने उनके व उसके परिवार के जीवन यापन के लिए रातामाटी व सालई में साझेदारी की शर्तो पर कृषि भूमि दी थी। इतना ही नहीं उनके रहने के लिए टप्पर भी बनाकर दिया। वहीं कुछ वर्षों बाद जब उसका परिवार बढ़ा तो उन्हें भी भूमि दी। परन्तु लोगों के बहकावे में आकर पतिराम ओर उसका कुनबा साझेदारी की इस जमीन को अपनी बताकर आये दिन विवाद खड़ा करने लगा।

उच्च न्यायालय से मिला स्थगन-
मामला बढ़ने के साथ ही यह न्यायालय पहुंच गया। सिविल न्यायालय द्वारा इसे खारिज भी कर दिया गया। वर्तमान में माननीय उच्च न्यायालय के सिविल मामले में सस्था के पक्ष में स्थगन आदेश है।
इनका कहना है –
रातामाटी के गुमराह लोग अपने आदिवासी समाज की दुहाई देकर सामाजिक सगठनों से मिलकर प्रशासन पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं। जो अनुचित है। ग्राम में यदि कोई आपराधिक कृत्य करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही होनी चाहिए। हमने शान्ति व्यवस्था के लिए पुलिस चौकी खोलने की मांग की है। इस हेतु उदार शर्तों पर भूमि भी दी जा सकती है।
शिवेंद्र भटनागर
प्रबंधक राजाबरारी एस्टेट

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