हरदा। सकल दिगंबर जैन समाज, हरदा के तत्वावधान में भगवानश्री शांतिनाथ के जन्म, तप एवं मोक्ष कल्याणक महोत्सव का आयोजन श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। दो दिवसीय इस धार्मिक आयोजन में समाजजनों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही तथा पूरे वातावरण में धर्ममय उल्लास छाया रहा।
जैन समाज के अध्यक्ष सुरेंद्र जैन एवं कोषाध्यक्ष राजीव जैन ने बताया कि महोत्सव में मंगल सान्निध्य उपाध्यायश्री 108 विशेष सागर जी महामुनिराज ससंघ का प्राप्त हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातःकालीन नित्य अभिषेक एवं शांतिधारा से हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से सहभागिता की। भगवान शांतिनाथ के चरणों में विशेष मंत्रों के साथ शांतिधारा एवं पूजन का आयोजन किया गया। जिसमें प्रथम कलश का सौभाग्य चेतन लहरी परिवार को, शांतिधारा का सौभाग्य पवन सिंघई, अभिषेक रपरिया, महेन्द्र अजमेरा, महेन्द्र पाटनी, गौरव जैन, वैभव रपरिया, सरोज गंगवाल परिवार को प्राप्त हुआ । भगवान की आरती का सौभाग्य सुरेन्द्र जैन तथा निर्वाणलाडू का सौभाग्य जिनेन्द्र बजाज परिवार को प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम के दौरान निर्माण लाड़ू एवं तत्त्वस्थ पालना महोत्सव आकर्षण का केंद्र रहे। सायंकाल महाआरती में समाजजनों ने दीप प्रज्वलित कर भगवान की आराधना की। रात्रि में आयोजित श्री शांतिनाथ चालीसा पाठ एवं दीप अर्चना में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। 48 जोड़ों द्वारा की गई भक्ताम्बर दीप अर्चना ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
उपाध्याय श्री ने अपने मंगल प्रवचनों में भगवान शांतिनाथ के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संदेश देते हुए अहिंसा, संयम और आत्मकल्याण का मार्ग बताया। उन्होंने कहा कि धर्म के माध्यम से ही मानव जीवन का वास्तविक कल्याण संभव है।
समारोह के अंत में समाज की ओर से सभी अतिथियों, श्रद्धालुओं एवं आयोजन में सहयोग करने वाले सदस्यों का आभार व्यक्त किया गया। पूरे आयोजन के सफल संचालन पर समाजजनों ने प्रसन्नता व्यक्त की।

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