आचार्य श्री विद्यासागर महाराज की शिष्याओं को कार ने मारी टक्कर उपचार के दौरान हुई मौत, समाज ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
हरदा। मध्यप्रदेश के रीवा में मंगलवार सुबह हुई एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना ने देशभर के पूरे जैन समाज को गहरे शोक में डुबो दिया। जिला कलेक्ट्रेट के सामने सुबह जाते समय एक तेज रफ्तार ऑल्टो कार ने दो आर्यिका माताजी को टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर रूप से घायल आर्यिका श्री श्रुतमति माताजी की सुबह ही समाधि हो गई थी, वहीं घायल आर्यिका श्री उपशममति माताजी ने भी शाम 4:22 बजे रीवा स्थित जैन संत भवन में अंतिम सांस ली।
दोनों पूज्य आर्यिका माताजी, संत शिरोमणि आचार्यश्री विद्यासागर महाराज की शिष्याएं थीं। उनके निधन का समाचार मिलते ही हरदा सहित पूरे प्रदेश के जैन समाज में शोक की लहर दौड़ गई।
हरदा जैन समाज के अध्यक्ष सुरेन्द्र जैन ने इसे अत्यंत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में जैन साधु-संतों और माताजी के साथ लगातार इस प्रकार की घटनाएं होना अत्यंत चिंतनीय विषय है।
उन्होंने कहा, “दोनों पूज्यनीय माताजी का संपूर्ण जीवन त्याग, तप, साधना और धर्म प्रचार को समर्पित रहा। उनके निधन से जैन समाज ने अपनी आध्यात्मिक धरोहर खो दी है। वीर प्रभु उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें।”घटना के बाद हरदा जैन समाज के लोगों ने दोनों आर्यिका माताजी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस हादसे को लेकर समाज के लोगों में गहरा आक्रोश भी देखा जा रहा है। श्रद्धालुओं का कहना है कि साधु-संतों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन को गंभीर कदम उठाने चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। पूरे जैन समाज में इस समय गम और वेदना का माहौल है। दोनों माताजी का तप, त्याग और धर्ममय जीवन सदैव समाज को प्रेरणा देता रहेगा।

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