जिला अध्यक्ष विजय जेवल्या ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में हरदा जिले सहित पूरे मध्यप्रदेश में मूंग का उत्पादन लगातार बढ़ा है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के किसानों की आय बढ़ाने के संकल्प को साकार करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कोरोना काल के दौरान तत्कालीन कृषि मंत्री कमल पटेल के प्रयासों से किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया गया और उनके नेतृत्व में समर्थन मूल्य पर मूंग की खरीदी शुरू हुई, जिससे किसानों, मजदूरों और व्यापारियों सभी को लाभ मिला।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी की प्रारंभिक व्यवस्थाएं की गई हैं, लेकिन खरीदी की निर्धारित मात्रा जिले की वास्तविक उपज की तुलना में काफी कम है। इसके कारण किसानों को अपनी उपज कृषि उपज मंडियों में समर्थन मूल्य से 2,000 से 3,000 रुपये प्रति क्विंटल कम कीमत पर बेचनी पड़ रही है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ज्ञापन में बताया गया कि हरदा जिले में इस वर्ष प्रति एकड़ लगभग 5 से 7 क्विंटल मूंग का उत्पादन हुआ है। ऐसे में किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए जिले की संपूर्ण उपज का समर्थन मूल्य पर उपार्जन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।
भाजयुमो ने प्रशासन से मांग की कि समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी की मात्रा में तत्काल वृद्धि की जाए तथा किसानों की सुविधा के लिए खरीदी केंद्रों की संख्या भी बढ़ाई जाए, ताकि उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य मिल सके।

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