जिले के रहटगांव वनांचल, सिराली, मगरधा क्षेत्र तथा वनग्रामों से लगे इलाकों में बहने वाली नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। लगातार बारिश के कारण कई रपटों के ऊपर से पानी बह रहा है, जिससे इन मार्गों पर आवाजाही जोखिमभरी हो गई है। प्रशासन ने लोगों से जलमग्न रपटों और पुलों को पार नहीं करने की अपील की है।
इधर, हरदा शहर में बारिश के साथ ही नगर पालिका की तैयारियों की भी पोल खुल गई है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से कई प्रमुख मार्गों और निचले इलाकों में पानी भर गया। मिडिल स्कूल क्षेत्र, सब्जी मंडी, स्टेट बैंक चौराहा सहित कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी रही। इससे स्कूली बच्चों, अभिभावकों, व्यापारियों और आम नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। सड़कों पर बहते पानी के कारण वाहन चालकों को भी परेशानी हुई और कई स्थानों पर यातायात धीमा पड़ गया।
मानसून की शुरुआत के साथ ही नगर की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े होने लगे हैं। हर वर्ष जलभराव वाले क्षेत्रों में इस बार भी वही स्थिति देखने को मिली, जिससे नगर पालिका की मानसून पूर्व तैयारियां अधूरी नजर आईं।
संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी तहसीलदारों के माध्यम से कोटवारों और ग्राम स्तर के कर्मचारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में बहने वाली नदियों और रपटों की लगातार निगरानी करने तथा पानी बढ़ने की स्थिति में लोगों को नदी या रपटा पार नहीं करने देने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी जलमग्न पुल, रपटा या नदी को पार करने का प्रयास न करें। यदि किसी स्थान पर पुल या रपटे के ऊपर से पानी बह रहा हो तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दें, ताकि समय रहते वहां आवागमन प्रतिबंधित किया जा सके और किसी भी प्रकार की जनहानि या दुर्घटना से बचा जा सके।
मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में भी जिले में अच्छी बारिश की संभावना बनी हुई है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। लगातार हो रही बारिश से जहां किसानों के चेहरों पर खुशी है, वहीं शहरी क्षेत्रों में जलभराव और ग्रामीण अंचलों में उफनाती नदियां प्रशासन के लिए चुनौती बनती जा रही हैं।

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