किसानों का कहना है कि उन्होंने बेहतर उत्पादन के लिए अधिक लागत लगाई है, लेकिन खरीदी में प्रति एकड़ उपज की सीमा तय होने से उन्हें पूरी उपज समर्थन मूल्य पर बेचने का अवसर नहीं मिल रहा है। ऐसी स्थिति में शेष उपज खुले बाजार में कम कीमत पर बेचने की मजबूरी बन रही है, जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि यदि सभी किसानों की पूरी मूंग फसल समर्थन मूल्य पर नहीं खरीदी गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। किसानों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर जिलेभर में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में किसानों ने मांग की कि जिले के प्रत्येक पंजीकृत किसान की संपूर्ण मूंग उपज का समर्थन मूल्य पर उपार्जन सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल सके। किसानों ने उम्मीद जताई कि शासन उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगा।

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