लगातार हुई बारिश से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने के कारण दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में तीसरे दिन भी कई मार्ग बंद रहे। उफनते नदी-नालों के चलते ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित रहा और लोगों को आवश्यक कार्यों के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारिश का सबसे अधिक असर नदी किनारे स्थित कृषि क्षेत्रों में देखने को मिला है। कई स्थानों पर खेतों में पानी भर जाने से सोयाबीन की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। किसानों का कहना है कि जलभराव के कारण नई बोई गई फसल प्रभावित हुई है, जिससे आर्थिक नुकसान की आशंका बढ़ गई है।
वहीं, हंडिया क्षेत्र में नर्मदा नदी से जुड़े गांवों की छोटी नदियों और नालों में भी पानी का बहाव तेज बना रहा। इसके चलते कई रपटे पानी में डूबे रहे, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क प्रभावित हुआ और लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा।
हालांकि सुबह से मौसम खुलने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन प्रशासन अब भी नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और जलमग्न मार्गों को पार नहीं करने की अपील कर रहा है। बारिश का दौर थमने के बावजूद नदियों का जलस्तर अभी भी ऊंचा बना हुआ है।

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